भारतीय वायुसेना का फाइव स्टार सितारा... एयर मार्शल अर्जन सिंह

कुछ लोग हमेशा शीर्ष पर होते हैं और उनमें एक चीज कॉमन होती है - जुनून और प्रतिबद्धता. भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह भी ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी हैं. अर्जन सिंह वायुसेना के एक मात्र ऐसे ऑफिसर हैं जिन्हें फील्ड मार्शल के बराबर फाइव स्टार रैंक दी गई. भारतीय सेना में अब तक सिर्फ तीन लोगों को फाइव स्टार रैंक मिली है और अर्जन सिंह उनमें से एक हैं. अर्जन सिंह के अलावा फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा और फील्ड मार्शल सैम मानेक शा को यह सम्मान मिला. फिलहाल अर्जन सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है और वो दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं.

1. पद्म विभूषण से सम्मानित भारतीय वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह एक मात्र ऐसे ऑफिसर हैं जिन्हें फाइव स्टार रैंक दी गई थी. फाइव स्टार रैंक फील्ड मार्शल के बराबर होती है.

2. अर्जन सिंह का जन्म पंजाब के लयालपुर में 15 अप्रैल 1919 को हुआ था, जो अब पाकिस्तान के फैसलाबाद के नाम से जाना जाता है. अर्जन सिंह भारतीय वायुसेना के एकमात्र फाइव स्टार रैंक ऑफिसर हैं.

3. अर्जन सिंह 1 अगस्त 1964 से 15 जुलाई 1969 तक चीफ ऑफ एयर स्टाफ रहे. 1965 की लड़ाई में अभूतपूर्व प्रदर्शन के लिए उन्हें एयर चीफ मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया.

4. 1971 में अर्जन सिंह को स्विटरलैंड में भारत का एंबेसडर नियुक्त किया गया. इसके अलावा उन्होंने वेटिकन और केन्या में भी देश के लिए अपनी सेवाएं दीं.

5. अर्जन सिंह ही केवल ऐसे चीफ ऑफ एयर स्टॉफ हैं जिन्होंने एयरफोर्स प्रमुख के तौर पर लगातार पांच साल अपनी सेवाएं दीं.

6. 96 साल की अवस्था में अर्जन सिंह ने व्हीलचेयर पर बैठे हुए पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को पालम एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी.

7. अप्रैल 2016 में अर्जन सिंह के 97वें जन्मदिन के मौके पर चीफ ऑफ एयर स्टॉफ एयर चीफ मार्शल अरुप राहा ने पश्चिम बंगाल स्थित पनागढ़ एयरफोर्स बेस का नाम अर्जन सिंह के नाम किया. पनागढ़ एयरबेस अब एमआईएफ अर्जन सिंह के नाम से जाना जाता है. यह पहली बार था जब एक जीवित ऑफिसर के नाम सैन्य प्रतिष्ठान का नाम उसके नाम पर रखा गया.

9. जून 2008 में सैम मानेक शा के निधन के बाद अर्जन सिंह भारतीय सेना के फाइव स्टार रैंक वाले एक मात्र जीवित ऑफिसर हैं.

10. 19 साल की अवस्था में अर्जन सिंह ने रॉयल एय